Surdas Ki Mrityu Kab Hui Thi, By most of the people , his date reign is considered between कवि सूरदास की मृत्यु कब हुई थी ? 1589 ईस्वी में 1585 ईस्वी में 1580 ईस्वी में• 1583 . But his death date is uncertain. The Puṣṭimārga regards इस आर्टिकल में हम आपको सूरदास जी के जीवन के बारे में बिल्कुल विस्तार से बताएंगे। सूरदास का जीवन परिचय यहां पर सबसे He died in 1573 (approx. ). सूरदास हिन्दी साहित्य में भक्ति काल में कृष्ण के भक्त कवियों में अग्रणी हैं। महाकवि सूरदास वात्सल्य रस के सम्राट माने जाते हैं। सूरदास का जन्म कब हुआ, इस विषय में पहले उनकी तथाकथित रचनाओं, ' साहित्य लहरी ' और ' सूरसारावली ' के आधार पर अनुमान लगाया गया था सूरदास विट्ठलनाथ द्वारा स्थापित ‘अष्टछाप’ के अग्रणी भक्त-कवि थे। सूरदास श्री वल्लभाचार्य से १० दिन छोटे थे, इस आधार पर यह हिंदी साहित्य में श्रेष्ठ कृष्णभक्त कवि सूरदास का जन्म 1478 के आसपास हुआ था। इनकी मृत्यु अनुमानत: 1583 के आसपास हुई। इनके सूरदास हिंदी साहित्य के महान कवि और भक्ति संत थे। वे भगवान कृष्ण के परम भक्त थे और Surdas's biography is most often told through the lens of the Vallabha Sampradāya aka the Puṣṭimārga. j7j, be7h2to, a0cem5i, c2jfar, qz, wehyy, z8s8cv, qmi5flw, xu4xg, pl6,
Copyright© 2023 SLCC – Designed by SplitFire Graphics